लकीर छोटी करो – अकबर बीरबल की कहानी (Shorter Line Story)
अकबर ने दरबार में एक लकीर खींचकर कहा कि इसे बिना छुए या मिटाए छोटा करो। कोई नहीं कर पाया। बीरबल ने उसके पास एक बड़ी लकीर खींच दी — पहली लकीर अपने-आप छोटी हो गई।
अकबर ने दरबार में एक लकीर खींचकर कहा कि इसे बिना छुए या मिटाए छोटा करो। कोई नहीं कर पाया। बीरबल ने उसके पास एक बड़ी लकीर खींच दी — पहली लकीर अपने-आप छोटी हो गई।
अकबर ने बीरबल से पूछा कि शहर में कितने कौए हैं। बीरबल ने एक संख्या बताई और कहा कि अगर कम निकलें तो कुछ कौए रिश्तेदारों से मिलने गए होंगे, और ज़्यादा निकलें तो बाहर से मेहमान आए होंगे।
सर्दी में ठंडे पानी में रातभर खड़े रहे गरीब आदमी का इनाम अकबर ने यह कहकर रोक दिया कि उसे दूर के दीये की गर्मी मिली थी। बीरबल ने बहुत ऊंचे टंगे बर्तन में खिचड़ी पकाकर बादशाह को उनकी गलती समझाई।
बूढ़ा बगुला मछलियां पकड़ न पाने पर साधु बनने का नाटक करने लगा। उसने तालाब सूखने का डर दिखाकर मछलियों को “नए तालाब” ले जाने के बहाने खा लिया। चतुर केकड़े ने उसकी चाल पकड़ी और बगुले को सज़ा दी।
एक सियार नील के ड्रम में गिरकर नीला हो गया। जंगल के जानवरों ने उसे अनोखा प्राणी मानकर राजा बना दिया। पर एक रात दूसरे सियारों की हुआं-हुआं सुनकर वह भी चिल्ला उठा और उसकी असलियत खुल गई।
सूखे तालाब से बचाने के लिए दो हंस कछुए को डंडी के सहारे उड़ाकर ले चले। शर्त थी कि कछुआ मुंह नहीं खोलेगा। नीचे लोगों की बातें सुनकर कछुआ बोल पड़ा, डंडी छूट गई और वह गिर पड़ा।
घमंडी शेर भासुरक रोज़ एक जानवर खाता था। एक दिन छोटे खरगोश की बारी आई। उसने शेर को बताया कि कुएं में दूसरा शेर है। अपनी परछाईं को दुश्मन समझकर भासुरक कुएं में कूद गया और जंगल बच गया।
जामुन के पेड़ पर रहने वाले बंदर ने मगरमच्छ से दोस्ती की और रोज़ उसे मीठे जामुन दिए। मगरमच्छ की पत्नी ने बंदर का कलेजा खाने की ज़िद की। नदी के बीच धोखा खुलने पर बंदर ने समझदारी से अपनी जान बचाई।
एक कुत्ते को रोटी का टुकड़ा मिला। पुल पार करते हुए उसे पानी में अपनी परछाईं दिखी और उसने सोचा कि दूसरे कुत्ते के पास बड़ा टुकड़ा है। उसे छीनने के लिए भौंका तो अपनी रोटी भी पानी में गिर गई।
गरीब लकड़हारे की लोहे की कुल्हाड़ी नदी में गिर गई। जल देवता ने सोने और चांदी की कुल्हाड़ी दिखाई, पर उसने सच बोलकर अपनी लोहे की कुल्हाड़ी ही मांगी। ईमानदारी से खुश होकर देवता ने उसे तीनों कुल्हाड़ियां दे दीं।