नवरात्रि की कथा – मां दुर्गा और महिषासुर (Navratri Story in Hindi)

वरदान पाकर घमंडी हुए राक्षस महिषासुर को कोई देवता नहीं हरा पा रहा था। तब सब देवताओं की शक्ति से मां दुर्गा प्रकट हुईं और नौ दिनों के युद्ध के बाद दसवें दिन महिषासुर का अंत किया। इसी की याद में नवरात्रि मनाई जाती है।

दिवाली की कहानी – दिवाली क्यों मनाते हैं (Diwali Story in Hindi)

चौदह वर्ष के वनवास और रावण पर विजय के बाद भगवान राम, सीता और लक्ष्मण अयोध्या लौटे। अंधेरी अमावस्या की रात अयोध्यावासियों ने घी के दीयों से पूरा नगर जगमगा दिया। तभी से दिवाली मनाई जाती है।

दशहरा की कहानी – राम और रावण की कथा (Dussehra Story in Hindi)

दशहरा या विजयादशमी पर भगवान राम ने रावण को हराकर माता सीता को मुक्त कराया था। यह कथा बताती है कि अहंकार और बुराई कितनी भी ताकतवर हो, अंत में सच्चाई और अच्छाई की जीत होती है।

कामाख्या देवी की कथा – सती, शक्तिपीठ और नीलाचल पर्वत

kamakhya temple

दक्ष के यज्ञ में शिव का अपमान होने पर माता सती ने प्राण त्याग दिए। दुखी शिव उनका शरीर लेकर घूमने लगे, तब विष्णु के सुदर्शन चक्र से अंग अलग-अलग जगह गिरे और शक्तिपीठ बने। असम के नीलाचल पर्वत का कामाख्या मंदिर सबसे प्रमुख शक्तिपीठों में गिना जाता है।

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा – उज्जैन में कैसे प्रकट हुए महाकाल

mahakaleshwar jyotirlinga

शिव पुराण की कथा के अनुसार अवंतिका (उज्जैन) में राक्षस दूषण शिवभक्तों को सताने लगा। तब भगवान शिव धरती फाड़कर महाकाल रूप में प्रकट हुए, दूषण का अंत किया और भक्तों की विनती पर वहीं ज्योतिर्लिंग रूप में बस गए।

हनुमान जी की जन्म कथा (Hanuman Ji Ki Janm Katha)

हनुमान जी का जन्म वानरराज केसरी और माता अंजना के घर हुआ और वायु देव की कृपा से वे पवनपुत्र कहलाए। बचपन में उन्होंने उगते सूरज को फल समझकर उसकी ओर छलांग लगाई। इंद्र के वज्र से उनकी हनु (ठुड्डी) पर चोट लगी, इसी से उनका नाम “हनुमान” पड़ा।

जगन्नाथ पुरी की कथा – भगवान की मूर्ति अधूरी क्यों है

कथा के अनुसार राजा इंद्रद्युम्न ने समुद्र में बहकर आई पवित्र लकड़ी से मूर्तियां बनवाईं। एक बूढ़े कारीगर ने शर्त रखी कि 21 दिन तक दरवाज़ा नहीं खुलेगा, पर रानी ने पहले ही खोल दिया। कारीगर गायब हो गया और मूर्तियां अधूरी रह गईं।