ब्राह्मणी और नेवला की कहानी – पंचतंत्र (बिना सोचे काम न करें)
एक ब्राह्मणी ने पालतू नेवले के मुंह पर खून देखकर सोचा कि उसने उसके बच्चे को नुकसान पहुंचाया है और बिना सोचे उसे मार दिया। अंदर जाकर देखा तो बच्चा सुरक्षित था और पास में एक मरा हुआ सांप पड़ा था। पंचतंत्र की यह कहानी सिखाती है कि जल्दबाज़ी में फ़ैसला न लें।