यह पेज बताता है कि शॉर्ट स्टोरीज़ हिंदी पर कहानियां कैसे लिखी, जांची और सुधारी जाती हैं। हमारा वादा है: हर कहानी या तो हमारी मूल रचना है या पारंपरिक लोककथा का हमारे अपने शब्दों में पुनर्कथन — किसी वेबसाइट, किताब या वीडियो से कॉपी नहीं।
1. हम किस तरह की कहानियां छापते हैं
- मूल रचना: पूरी तरह हमारी लिखी कहानियां। इन पर “मूल रचना” लिखा होता है।
- पुनर्कथन: पंचतंत्र, हितोपदेश, जातक, ईसप, अकबर-बीरबल, तेनालीराम जैसी पारंपरिक कथाएं। हम सिर्फ़ कथानक लेते हैं और पूरी कहानी नए शब्दों में लिखते हैं। कहानी के अंत में परंपरा का नाम लिखा जाता है।
- सार्वजनिक डोमेन: भारत में लेखक की मृत्यु के 60 साल बाद उनकी रचनाएं सार्वजनिक डोमेन में आती हैं (जैसे मुंशी प्रेमचंद, 1880–1936)। ऐसी रचनाओं पर लेखक का नाम साफ़ लिखा जाता है।
2. कहानी छपने से पहले की जांच
- संपादक पूरी कहानी पढ़ता है — भाषा, सीख और उम्र के हिसाब से।
- कहानी के 3 अलग वाक्य इंटरनेट पर खोजकर देखा जाता है कि कहीं हूबहू मेल तो नहीं।
- धार्मिक और पौराणिक कथाओं में “मान्यता” और “तथ्य” अलग-अलग लिखे जाते हैं।
- बच्चों वाली कहानियों में हिंसा, डर या गलत भाषा नहीं रखी जाती।
3. उम्र का टैग
हर कहानी पर “उम्र 3–6 साल”, “उम्र 7–12 साल” या “बड़ों के लिए” का टैग होता है। यह एक सुझाव है; अंतिम फ़ैसला माता-पिता और शिक्षकों का है।
4. AI और तकनीक का इस्तेमाल
कहानियों की रूपरेखा, वर्तनी जांच या चित्र बनाने में हम AI टूल्स की मदद ले सकते हैं, लेकिन हर कहानी इंसानी संपादक पढ़कर, सुधारकर और मंज़ूरी देकर ही छपती है।
5. गलती सुधारने की नीति
कोई गलती बताई जाए तो हम जांच करके उसे सुधारते हैं और पेज पर “अपडेट” की तारीख़ बदलते हैं। बड़ी गलती होने पर कहानी के अंत में सुधार का नोट भी लिखा जाता है।
6. कॉपीराइट से जुड़ी शिकायत
अगर आपको लगता है कि हमारी किसी कहानी में आपकी रचना का इस्तेमाल हुआ है, तो संपर्क पेज से कहानी का लिंक और अपनी मूल रचना का प्रमाण भेजें। जांच के बाद ज़रूरत हो तो कहानी हटा दी जाती है या बदल दी जाती है।
7. संपादक
इस वेबसाइट के संपादक बलवीर सिंह राठौड़ (जयपुर) हैं। ज़्यादा जानकारी: हमारे बारे में
अंतिम अपडेट: 25 सितंबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या शॉर्ट स्टोरीज़ हिंदी की कहानियां original हैं?
हां। हर कहानी या तो हमारी मूल रचना है या पारंपरिक लोककथा का हमारे अपने शब्दों में पुनर्कथन। हम किसी वेबसाइट, किताब, ऐप या वीडियो से कहानी का पाठ कॉपी नहीं करते। छपने से पहले हर कहानी के कुछ वाक्य इंटरनेट पर खोजकर जांचे जाते हैं।
क्या कहानियां लिखने में AI का इस्तेमाल होता है?
रूपरेखा, वर्तनी जांच या चित्र बनाने में AI टूल्स की मदद ली जा सकती है, लेकिन कोई भी कहानी बिना इंसानी संपादक के पढ़े और मंज़ूर किए नहीं छपती। संपादक भाषा, सीख, तथ्य और बच्चों के लिए उपयुक्तता की जांच करता है।
कहानी में गलती मिले तो क्या होता है?
संपर्क पेज से गलती की सूचना मिलने पर हम जांच करते हैं और कहानी सुधारते हैं। सुधार के बाद पेज पर “अपडेट” की तारीख़ बदली जाती है। अगर गलती बड़ी हो, तो कहानी के अंत में सुधार का एक छोटा नोट भी जोड़ा जाता है।
कॉपीराइट की शिकायत कैसे करें?
संपर्क पेज से हमारी कहानी का लिंक, अपनी मूल रचना का लिंक या प्रमाण और अपना संपर्क भेजें। हम शिकायत की जांच करते हैं और अगर बात सही निकलती है, तो कहानी को हटा देते हैं या पूरी तरह बदल देते हैं।