पूस की रात कहानी का सारांश – प्रेमचंद

गरीब किसान हल्कू कंबल के लिए जोड़े तीन रुपये कर्ज़ चुकाने में दे देता है। पूस की कड़ाके की ठंडी रात वह अपने कुत्ते जबरा के साथ खेत की रखवाली करता है, पर ठंड से हारकर सो जाता है और नीलगाएं फसल चर जाती हैं। कहानी किसान की गरीबी और मजबूरी को दिखाती है।

नमक का दारोगा कहानी का सारांश – प्रेमचंद

ईमानदार दारोगा वंशीधर ने अमीर पंडित अलोपीदीन की नमक की तस्करी पकड़ी और चालीस हज़ार की रिश्वत भी ठुकरा दी। अदालत में पैसे के ज़ोर से अलोपीदीन छूट गए और वंशीधर की नौकरी चली गई, पर अंत में अलोपीदीन ने ही उनकी ईमानदारी के आगे झुककर उन्हें अपनी जायदाद का मैनेजर बनाया।

ईदगाह कहानी का सारांश – प्रेमचंद (Idgah Summary in Hindi)

प्रेमचंद की कहानी ईदगाह में गरीब अनाथ हामिद ईद के मेले में अपने तीन पैसों से खिलौने या मिठाई नहीं, बल्कि दादी अमीना के लिए चिमटा खरीदता है, ताकि रोटी सेंकते समय उनकी उंगलियां न जलें। यह त्याग और प्रेम की अमर कहानी है।