रुरु मृग की कहानी – जातक कथा (Golden Deer Story)

सुनहरे रुरु मृग ने नदी में डूबते एक आदमी की जान बचाई और बस इतना वचन मांगा कि वह किसी को उसके बारे में न बताए। इनाम के लालच में उस आदमी ने राजा को मृग का पता बता दिया। पर मृग की करुणा देखकर राजा ने उसे अभय दिया और धोखेबाज़ को धिक्कारा।

बंदरों के राजा का बलिदान – जातक कथा (Monkey King Story)

मीठे आमों के लालच में राजा के सैनिकों ने बंदरों को घेर लिया। बंदरों के राजा ने अपने शरीर को नदी पार पुल बनाकर पूरे झुंड को बचाया। उसकी त्याग-भावना देखकर काशी के राजा का हृदय बदल गया और उसने सीखा कि सच्चा राजा प्रजा के लिए जीता है।

खरगोश का त्याग – जातक कथा (Hare on the Moon Story)

जंगल के चार दोस्तों — खरगोश, बंदर, सियार और ऊदबिलाव — ने दान करने का संकल्प लिया। भूखे ब्राह्मण के वेश में आए देवराज इंद्र को देने के लिए खरगोश के पास कुछ नहीं था, तो उसने खुद को अर्पित कर दिया। इंद्र ने उसकी याद में चंद्रमा पर खरगोश का चित्र बना दिया।