लालची कुत्ते की कहानी (Greedy Dog Story in Hindi)

संक्षेप में: एक भूखे कुत्ते को रोटी का टुकड़ा मिला। पुल पार करते हुए उसे पानी में अपनी परछाईं दिखी और उसने सोचा कि दूसरे कुत्ते के पास बड़ा टुकड़ा है। उसे छीनने के लिए वह भौंका, तो उसकी अपनी रोटी भी पानी में गिर गई। सीख: लालच बुरी बला है।

रोटी का टुकड़ा

एक गांव में मोती नाम का एक कुत्ता रहता था। एक दिन उसे बहुत भूख लगी थी। वह गली-गली खाना ढूंढता रहा। आखिर एक हलवाई की दुकान के पीछे उसे एक बड़ा-सा, घी लगी रोटी का टुकड़ा मिल गया।

मोती बहुत खुश हुआ। उसने सोचा, “इसे किसी शांत जगह पर जाकर आराम से खाऊंगा।” रोटी मुंह में दबाकर वह गांव के बाहर वाली नदी की ओर चल पड़ा।

पुल पर परछाईं

नदी पर लकड़ी का एक छोटा-सा पुल था। मोती पुल के बीच पहुंचा तो उसने नीचे झांका। पानी बिल्कुल साफ़ था, जैसे शीशा।

पानी में उसे एक कुत्ता दिखा, जिसके मुंह में भी रोटी थी। मोती को लगा कि वह रोटी उसकी रोटी से बड़ी है। (असल में वह मोती की अपनी परछाईं थी!)

“वाह! अगर वह रोटी भी मुझे मिल जाए, तो मज़ा आ जाएगा,” मोती ने लालच में सोचा।

लालच का नतीजा

उस “दूसरे कुत्ते” को डराने के लिए मोती ज़ोर से भौंका — “भौं! भौं!”

जैसे ही उसने मुंह खोला, उसकी अपनी रोटी “छपाक!” से नदी में गिर गई और तेज़ धारा में बह गई। पानी हिलने से परछाईं वाला कुत्ता भी गायब हो गया।

मोती पुल पर खड़ा देखता रह गया। अब उसके पास न बड़ी रोटी थी, न छोटी। वह भूखा ही घर लौटा और मन ही मन सोचता रहा, “जो मेरे पास था, उसी से खुश रहता तो आज भूखा न रहता।”

📖 कहानी की सीख: इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि लालच बुरी बला है। जो हमारे पास है, उसमें संतोष रखना चाहिए। ज़्यादा पाने के लालच में अक्सर हम वह भी खो देते हैं जो हमारे पास पहले से होता है।

कहानी के पात्र

पात्रभूमिका
मोती (कुत्ता)भूखा कुत्ता, जो लालच में अपनी रोटी खो बैठा
पानी में परछाईंजिसे मोती ने दूसरा कुत्ता समझ लिया

बच्चों से पूछें

  1. पानी में मोती को असल में क्या दिखा था?
  2. मोती की रोटी पानी में कैसे गिरी?
  3. क्या आपने कभी “और ज़्यादा” के चक्कर में कोई चीज़ खोई है?

यह कहानी ईसप की दंतकथाओं से दुनिया भर में प्रचलित एक पुरानी लोककथा का हमारे अपने शब्दों में पुनर्कथन है; कुत्ते का नाम हमने रखा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लालची कुत्ते की कहानी की सीख क्या है?

इस कहानी की सीख है कि लालच बुरी बला है। कुत्ते के पास रोटी थी, पर पानी में अपनी परछाईं की रोटी छीनने के लालच में उसने अपनी रोटी भी गंवा दी। जो हमारे पास है, उसमें संतोष रखना चाहिए, वरना हम वह भी खो सकते हैं।

कुत्ते को पानी में क्या दिखा था?

पुल से नीचे झांकने पर कुत्ते को साफ़ पानी में अपनी ही परछाईं दिखी, जिसके मुंह में भी रोटी थी। कुत्ते ने उसे दूसरा कुत्ता समझ लिया और सोचा कि उसकी रोटी बड़ी है। यही गलतफहमी और लालच उसके नुकसान की वजह बनी।

कुत्ते की रोटी नदी में कैसे गिरी?

परछाईं वाले “दूसरे कुत्ते” को डराने और उसकी रोटी छीनने के लिए कुत्ता ज़ोर से भौंका। भौंकने के लिए जैसे ही उसने मुंह खोला, उसके मुंह में दबी रोटी सीधे नदी में गिर गई और तेज़ धारा में बह गई।

लालची कुत्ते की कहानी छोटे बच्चों के लिए क्यों अच्छी है?

यह कहानी 3 से 6 साल के बच्चों के लिए बहुत अच्छी है, क्योंकि यह छोटी है, इसमें एक ही पात्र है और सीख तुरंत समझ आती है। बच्चे परछाईं का खेल भी समझते हैं। कहानी के बाद शीशे या पानी में परछाईं दिखाकर इसे और मज़ेदार बनाया जा सकता है।

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